हरी हरी दूब चढ़े गजानन हरे हरे
हरी हरी दूब चढ़े, गजानन हरे हरे।। मेरे गजानन के बड़े-बड़े शीश है, मेरे गजानन के बड़े-बड़े शीश है, सुंदर मुकुट सजे, गजानन हरे हरे।। मेरे गजानन के बड़े-बड़े कान…
भक्ति का अपना संसार
हरी हरी दूब चढ़े, गजानन हरे हरे।। मेरे गजानन के बड़े-बड़े शीश है, मेरे गजानन के बड़े-बड़े शीश है, सुंदर मुकुट सजे, गजानन हरे हरे।। मेरे गजानन के बड़े-बड़े कान…
तेरी महिमा निराली जग में ओ, जय हो गणेश तेरी, जय हो गणेश, जय हो गणेश तेरी, जय हो गणेश।bd। तर्ज – वादा न तोड़। एकदंत दयावन्त, चार भुजाधारी, माथे…