Category: Ganesh Bhajan

हरी हरी दूब चढ़े गजानन हरे हरे

हरी हरी दूब चढ़े, गजानन हरे हरे।। मेरे गजानन के बड़े-बड़े शीश है, मेरे गजानन के बड़े-बड़े शीश है, सुंदर मुकुट सजे, गजानन हरे हरे।। मेरे गजानन के बड़े-बड़े कान…